उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के नियमों में बदलाव किया है। अब योजना के लिए आयु प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि को मान्य नहीं माना जाएगा। सरकार के नए निर्देश के अनुसार लाभार्थियों की आयु की पुष्टि अब परिवार व कुटुंब रजिस्टर की छाया प्रति या शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर की जाएगी, जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के मानकों में आंशिक बदलाव किया है। अब आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने 12 मार्च को पत्र जारी कर नई व्यवस्था की जानकारी दी है।
जारी निर्देश के अनुसार पेंशन के लिए आवेदन करते समय फॉर्म के सभी कॉलम भरना अनिवार्य होगा। आवेदक की आयु प्रमाणित करने के लिए अब परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या शैक्षिक योग्यता से संबंधित प्रमाण पत्र में अंकित जन्मतिथि ही मान्य होगी।
शासन के मुताबिक आधार कार्ड में लिखी जन्मतिथि को आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बता दें कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के संचालन को लेकर पहले 29 फरवरी 2016 को शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें अब आंशिक संशोधन किया गया है।

वृद्धावस्था पेंशन में आधार की जन्मतिथि अमान्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। पहले 29 फरवरी 2016 को जारी शासनादेश में आयु प्रमाण के लिए कुछ मानक तय किए गए थे। बाद में 16 मई 2018 को संशोधन करते हुए आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि को भी मान्य कर दिया गया था।
लेकिन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ ने 31 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जा सकता। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध में नई व्यवस्था लागू करते हुए आधार कार्ड को आयु प्रमाण से बाहर कर दिया है।
अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु प्रमाण के रूप में परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या शैक्षिक प्रमाण पत्र में अंकित जन्मतिथि ही मान्य होगी। समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों को नए निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। वहीं बीपीएल कार्डधारकों को आय प्रमाण के रूप में सक्षम अधिकारी से जारी आय प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।

व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने के निर्देश
सरकार ने नई व्यवस्था को सख्ती से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई लाभार्थी बीपीएल सूची में शामिल है, तो उसे आय प्रमाण के रूप में बीपीएल सूची की फोटो कॉपी जमा करनी होगी। फिलहाल वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु की गणना आधार कार्ड पर अंकित जन्मतिथि के आधार पर नहीं की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। अब परिवार व कुटुंब रजिस्टर की छाया प्रति या शैक्षिक प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर ही आयु निर्धारित की जाएगी। इसी आधार पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए पात्र माना जाएगा।

यूपी में वृद्धावस्था पेंशन योजना: प्रमुख बातें
पात्रता:
इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और वह उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 से कम होनी चाहिए।
पेंशन राशि:
योजना के तहत पहले लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह पेंशन दी जाती थी, जिसे त्रैमासिक किस्तों में दिया जाता है। अब सरकार इसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह तक करने की तैयारी कर रही है।
आवेदन प्रक्रिया:
नई व्यवस्था के तहत कई मामलों में अलग से आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। उपलब्ध सरकारी डेटा के आधार पर ही लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है।
जरूरी दस्तावेज (पुराने आवेदन के लिए):
आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं।
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