Yogi government:यूपी में माध्यमिक शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार ने किया बड़ा बदलाव

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March 17, 2026

उत्तर प्रदेश सरकार ने एडेड विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी। इससे लगभग 61,000 कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों (एडेड) में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने उनकी सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले से लगभग 61,000 शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। यह कदम प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सम्मानजनक सेवानिवृत्ति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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शासनादेश जारी, डीए 50 प्रतिशत होने पर लागू होगी नई सीमा

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। नई बढ़ी हुई सीमा का लाभ उस स्थिति में मिलेगा जब महंगाई भत्ता (डीए) मूल वेतन का 50 प्रतिशत हो जाएगा। इससे एडेड विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अधिक वित्तीय सुरक्षा और सुविधा प्राप्त होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम न केवल सेवानिवृत्ति लाभ बढ़ाने के लिए है, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल और कामकाजी संतुष्टि को भी मजबूत करेगा।

2017 के शासनादेश की समीक्षा और संशोधन

दरअसल, वर्ष 2017 में जारी शासनादेश के तहत वेतन समिति उत्तर प्रदेश-2016 की सिफारिशों को लागू करते हुए एडेड विद्यालयों के पेंशन, ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया था। उस समय यह तय किया गया था कि 60 वर्ष की आयु तक सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाली सेवानिवृत्ति या मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये होगी।

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हालांकि अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के समय आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना और उनके समर्पण और मेहनत का उचित सम्मान करना है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम शिक्षा क्षेत्र में कर्मचारियों के हित में एक सकारात्मक बदलाव है।

शिक्षकों की वित्तीय सुरक्षा और मनोबल बढ़ेगा

वर्तमान में एडेड स्कूलों और कालेजों में लगभग 61 हजार शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें अब यह नई व्यवस्था सीधे लाभान्वित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शिक्षकों को लंबे समय तक सेवा देने का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उनके मनोबल और कामकाजी संतुष्टि में सुधार होगा।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह पहल कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाएगी कि उनकी सेवा और समर्पण का उचित मूल्यांकन किया जाएगा और उनके भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाया जाएगा। इससे न केवल शिक्षक समुदाय का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ निभाने में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय शिक्षकों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और उन्हें सेवानिवृत्ति के समय सम्मानजनक आर्थिक लाभ प्रदान करेगा। इससे प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में कर्मचारियों की सेवा की गुणवत्ता और स्थायित्व दोनों में सुधार होगा।

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इस तरह, योगी सरकार का यह कदम एडेड विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो उन्हें लंबे समय तक अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।

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