प्रशासन ने सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए पेट्रोल और डीजल को बोतल या कैन में बेचने पर सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आम लोगों से अफवाहों से बचने और अवैध भंडारण न करने की अपील की गई है। रसोई गैस के बाद ईंधन को लेकर मची गहमागहमी को देखते हुए प्रशासन ने एक सख्त रुख अपनाया है। जिले में पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल नियमित और अधिकृत तरीकों से ही ईंधन का वितरण करें और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री न करें।
अवैध भंडारण पर प्रशासन सख्त

जिलापूर्ति अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते पेट्रोल और डीजल को खुले कैन या बोतल में बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई पंप संचालक या ग्राहक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों में न फंसे और केवल अधिकृत पंपों से ही ईंधन खरीदें। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि ईंधन की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और किसी तरह की कमी नहीं होगी।
भीषण गर्मी में पेट्रोल–डीजल का अवैध भंडारण खतरनाक
जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने चेताया है कि वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण पेट्रोल और डीजल का अवैध भंडारण गंभीर खतरे का कारण बन सकता है। घरों या असुरक्षित स्थानों पर ईंधन रखना जानलेवा साबित हो सकता है और किसी भी छोटी चिंगारी से बड़े अग्निकांड की संभावना बढ़ जाती है। इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल–डीजल को खुले कैन या बोतल में रखने और बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध भंडारण को रोकने के लिए उठाया गया है। जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों में न फंसे और केवल अधिकृत पंपों से ही ईंधन खरीदें।

अफवाह पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया
साथ ही, प्रशासन को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ पंप संचालक सादा पेट्रोल खत्म होने की बात कहकर ग्राहकों को जबरन प्रीमियम पेट्रोल खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी ने कहा कि ऐसे पंपों की पहचान कर उन्हें जांच के दायरे में लाया जा रहा है और सादे तेल की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद प्रीमियम तेल बेचने वाले संचालकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिले में तेल की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पाबंदी केवल अवैध भंडारण रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है, इसलिए जनता से अनुरोध है कि वे अफवाहों में न आएं और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
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