भारतीय रेलवे ने कंफर्म टिकट रद्द करने और रिफंड नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब यात्रियों को अपनी यात्रा में अचानक बदलाव होने पर सुविधा देने के लिए ट्रेन प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वॉइंट बदलने की अनुमति मिलेगी। इससे पहले यात्रियों को बोर्डिंग प्वॉइंट बदलने के लिए अधिक समय पहले आवेदन करना पड़ता था, लेकिन नए नियम से यह प्रक्रिया अब सरल और लचीली हो गई है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों के लिए अधिक सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। नए नियमों से टिकट रद्द करने और रिफंड लेने की प्रक्रिया स्पष्ट और आसान हो जाएगी, जिससे यात्रियों को योजना बनाने और समय व पैसों की बचत करने में मदद मिलेगी।
कंफर्म टिकट रद्द करने से पहले जानें नए नियम

भारतीय रेलवे ने कंफर्म टिकट रद्द करने और रिफंड के लिए नियमों को और स्पष्ट किया है। अब यात्रियों को समय रहते टिकट रद्द करने पर उनके पैसों की अधिक सुरक्षा मिलेगी। यदि कोई यात्री अपनी टिकट ट्रेन के प्रस्थान से 72 घंटे से अधिक समय पहले रद्द करता है, तो उसे सबसे अधिक रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल न्यूनतम निर्धारित कैंसलेशन शुल्क काटा जाएगा और शेष राशि पूरी तरह से वापस कर दी जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को समय रहते टिकट बदलने या रद्द करने पर अधिक सुविधा प्रदान करना है।
यदि टिकट 72 घंटे से 24 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो कुल किराए का 25% शुल्क काटा जाएगा। शेष 75% राशि प्रति यात्री वापस कर दी जाएगी। वहीं, यदि टिकट 24 घंटे से 8 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो कुल किराए का 50% शुल्क काटा जाएगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि अंतिम समय पर रद्द किए जाने वाले टिकट पर शुल्क अधिक लगे।
अंततः, यदि टिकट 8 घंटे से कम समय में रद्द किया जाता है, तो यात्री को कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यह नियम यात्रियों को समय पर टिकट रद्द करने और अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए प्रेरित करता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों से टिकट रद्द करने और रिफंड लेने की प्रक्रिया अब और अधिक पारदर्शी, आसान और यात्रियों के हित में हो गई है।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सावधानी बरतने की भी अपील की है। अंतिम समय पर टिकट रद्द करने से बचें और अपने यात्रा प्लान को समय पर अपडेट करें। उन्होंने कहा कि अंतिम समय पर टिकट रद्द करने से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल रिफंड राशि में कटौती हो सकती है बल्कि यात्रा में भी अड़चनें आ सकती हैं।
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