उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हर जिले में अभियान चलाया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए दिशा–निर्देश जारी किए गए हैं। आशा वर्कर घर–घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों का आभा आईकार्ड बनाएंगी।
संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 1 से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान व्यापक रूप से संचालित होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने शास्त्री भवन में आयोजित बैठक में इन अभियानों के तहत संपादित की जाने वाली अंतर्विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को कर्तव्यों के निर्वहन में विशेष सावधानी बरतनी होगी।

विद्यालयों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिताएं और रैलियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, आशा वर्कर घर–घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों का आभा आईकार्ड बनाएंगी और उन्हें उपलब्ध कराएंगी। अभियान के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का समुचित संकलन और रिपोर्टिंग समय पर की जाएगी, जिससे अभियान के परिणाम प्रभावी और पारदर्शी रूप से मापे जा सकें।
गर्मी और संभावित बीमारियों से बचाव
अपर मुख्य सचिव ने गर्मी के मौसम में लोगों को संभावित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान विशेष रूप से स्कूलों में हीट वेव से बचाव के उपायों पर ध्यान दिया जाए और बच्चों तथा शिक्षकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार–प्रसार किया जाए।
इसके अलावा, भीड़–भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर शीतल और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। अपर मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि व्यस्त क्षेत्रों और प्रमुख चौक–चौराहों पर मौसम का पूर्वानुमान तथा तापमान डिस्प्ले की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए, जिससे लोग अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए समयानुसार सावधानी बरत सकें। इस प्रकार, गर्मी के मौसम में संभावित बीमारियों और हीट स्ट्रोक जैसी स्थितियों से बचाव के लिए सभी कदम प्रभावी ढंग से उठाए जाएँ।
यूनिफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल पर रिपोर्टिंग

मंडल और जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दस्तक अभियान के दौरान चिन्हित व्यक्तियों की जांच की स्थिति यूनिफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल पर अवश्य उपलब्ध कराई जाए। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भ्रमण के दौरान प्रत्येक परिवार के सदस्यों का आभा आईकार्ड बनाकर उन्हें उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही मच्छर घनत्व अधिक वाले क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां पूरी तरह संपादित की जाएंगी।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में अप्रैल माह भर चलने वाले यह अभियान न केवल संचारी रोगों और गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और जागरूकता को भी मजबूत करेंगे। आशा वर्करों और संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से अभियान का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, जिससे राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली और समुदाय दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
